विदेश से लौटे बेटे ने 20 वर्षों बाद मनाया जन्मदिन – परिवार संग भावनाओं से भरा, वृक्षारोपण और सामाजिक सरोकार से जुड़ा अनूठा आयोजन 
*ओसियां, जोधपुर*।
एक लंबे अंतराल के बाद जब कोई प्रवासी अपने जन्मभूमि लौटकर परिवार के साथ आत्मीयता से भरे पल साझा करता है, तो वह क्षण केवल उत्सव नहीं बल्कि एक संजीवनी बन जाता है। कुछ ऐसा ही दृश्य देखने को मिला जब दुबई प्रवासी पेम्पाराम सुथार ने 20 वर्षों के बाद अपने माता-पिता, बड़े भाई साहब और समस्त परिवार संग जन्मदिन मनाया।
इस भावनात्मक मिलन को और भी पवित्र व प्रेरणादायक बनाने हेतु उन्होंने न केवल दीप प्रज्वलन से शुभारंभ किया, बल्कि वृक्षारोपण कर इस उत्सव को पर्यावरण संरक्षण से भी जोड़ा।
विशेष अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति ने बढ़ाई शोभा:
इस अवसर पर कई गणमान्य और परिजनों की उपस्थिति रही:
ओमप्रकाशजी माकड़, कार्यकारी अध्यक्ष, विश्वकर्मा मंदिर ओसियां – जिन्होंने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की विधिवत शुरुआत की।
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मेघारामजी, अध्यक्ष, वलसाड विश्वकर्मा मंदिर (गुजरात) – जिन्होंने आशीर्वाद स्वरूप शुभकामनाएं दीं।
विश्नारामजी, पूर्व अध्यक्ष, चेराई विश्वकर्मा मंदिर – जिन्होंने अपने स्नेह और मार्गदर्शन से जन्मदिन को विशेष बनाया।
जगदीशजी सांखला, RH, ICICI बैंक – जिन्होंने अपनी टीम के साथ केक और पुष्पगुच्छ लेकर व्यक्तिगत रूप से शुभकामनाएं दीं।
नगारामजी सुथार – भी इस आयोजन में सहभागी रहे।
31 पौधों का रोपण — पर्यावरण के प्रति संकल्प:

पिताजी की प्रेरणा से बड़े भाई साहब नगारामजी व ICICI बैंक की टीम द्वारा 31 पौधों का सामूहिक रोपण किया गया। यह कार्य न केवल जन्मदिन को विशेष बना गया, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए हरियाली और शुद्धता का उपहार भी बन गया।
देश-विदेश से शुभकामनाओं की बाढ़:
इस शुभ अवसर पर देश और विदेश से अनेकों शुभचिंतकों ने कॉल और मैसेज के माध्यम से प्रेम व आशीर्वाद भेजा। यह आयोजन एक निजी समारोह होते हुए भी सामाजिक चेतना का संदेश देने वाला बन गया।
पेम्पाराम सुथार ने दी भावपूर्ण प्रतिक्रिया:
“20 वर्षों बाद माता-पिता के सान्निध्य में जन्मदिन मनाना ईश्वर का वरदान है। इस बार का जन्मदिन सिर्फ मेरा नहीं रहा, यह संपूर्ण परिवार और पर्यावरण के प्रति हमारी ज़िम्मेदारी का प्रतीक बन गया। सभी का आभार।”


