सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को पंचायती राज विभाग में विकास कार्यों में श्रमिक के तौर पर दोनो जगह पुस्तिथि दर्ज है पर संभागीय आयुक्त जोधपुर शिकायत की जिसमे जल्द सुनी जाएगी पूर्व में जिला प्रशासन को शिकायत कर चुका हूं
जालोर/जसवंतपुरा पंचायत समिति
जालोर जिले जसवंतपुरा समिति समितिका है, स्थानीय सामाजिक एवं आर टी आई ऐक्टिविस्ट भंवरलाल राजपुरोहित ने बताया कि जसवंतपुरा पंचायत समिति के अन्तर्गत ग्राम पंचायत डोरडा, कलापुरा, तातोल एवम थूर ग्राम पंचायत में स्थानीय पंचायत समिति के बीडीओ, जे टी ए, जेईएन, ए इन एन,लेखा- जोखा अकाउंट एवं चारों ग्राम पंचायतों के सरपंच, ग्राम विकास अधिकारीयों एवं ठेकेदारों की मिलीभगत के चलते ठेकेदार ने रोज दिहाड़ी पर बाहर से मजदुर लाकर मजदूरी करवाकर सरकारी राशि के दुरूपयोग की नियत से ठेकेदार ने अपने ही खुद परिवार एवं कुटुम्ब के लगभग 15 से 20 सदस्यों की कुशल श्रमिकों के तौर पर फर्जी हाजरी लगाकर भुगतान उठाया लिया गया है जिसमें कई प्रवासी एवं 6 स्कूली बच्चे शामिल हैं जिनकी लगातार उपस्थिति स्कूल में दर्ज है, पंचायती राज विभाग में सीसी सड़क, खरंजा, नाली, नाला, पिंक टॉयलेट, खड्डा सोकटा एवं ब्लॉक निर्माण कार्य में फर्जी मस्टरोल भरकर भुगतान उठाया गया, साथ ही ठेकेदार की टेंडर कम्पनी/फर्म को भी भुगतान किया गया है तथा ठेकेदार खुद मजदूर बनकर लाखों का भुगतान उठा रहे हैं जबकि ठेकेदार एवं ठेकेदार की फर्म को सिर्फ मैटेरियल संबंधित ही भुगतान किया जाने का प्रावधान है,साथ ही स्कूल में अध्ययनरत विद्यार्थी हैं उनको भी कागजों में कुशल श्रमिक बताकर उनके नाम से भी पेमेंट उठाया गया है,केंद्र एवं राज्य सरकारे बाल मजदूरी के खिलाफ प्रचार प्रसार एवं अभियान चला रही है और दूसरी तरफ जिला एवं स्थानीय पंचायत समिति जसवंतपुरा के नाक नीचे ही सरकारी विभाग में ही बाल मजदूरी हो रही है और साथ ही राजकीय कर्मचारी इनका सहयोग कर राजकोष को क्षति पहुंचा रहे हैं। यह बडा गंभीर विषय है । परिवादी द्वारा पहले भी पंचायत समिति जसवंतपुरा के अन्तर्गत ग्राम पंचायत डोरडा में मामला उजागर कर चुका है जिसमे सरपंच ने खुद की हाजरी सहित खुद परिवार के कुल नौ सदस्यो की फर्जी हाजरी का भुगतान सहित सरपंच ने अपनी पत्नि और भाभी को मेट बनाकर लाखों भुगतान उठाया था जबकि वो दोनो मेट अनपढ़ और अंगूठा छाप थी जबकि मेट की योग्यता आठवी दशवी पास होती है साथ ही दो गर्भवति महिलाओ की प्रसूति के दिन लगातार हाजरी लगाकर भुगतान उठाया जिसकी रिकवरी के आदेश जारी कीए थे लेकीन आज दिन तक उन सरपंच मेट एवं गर्भवति महिलाओ की न तो रिकवरी हुई है और न ही उनके खिलाफ सरकारी राशि दुरूपयोग का मुकदमा दर्ज करवाया है ।
आपको बता दें कि कई सालों से इन ग्राम पंचायतों में घोटाला हो रहा हैं या कहें तो हो चुका हैं जिसका प्रमाण भी हैं, उक्त मामले में भी परिवादी द्वारा सारे प्रमाणित दस्तावेज के साथ जिला कलेक्टर महोदय जालोर, संभागीय आयुक्त महोदया जोधपुर एवं खंड विकास अधिकारी जसवंतपुरा को लिखित शिकायत दे चुका है लेकिन आज दिन तक जांच के नाम पर जिला परिषद जालोर एवं पंचायत समिति जसवंतपुरा के जिम्मेदार अधिकारियों के द्वारा मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया और आज दिन तक इन भ्रष्टाचारियों के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं हुई है। इस प्रकार राजकोष को क्षति पहुंचाने में लोक सेवक शामिल होते हैं हो उच्च अधिकारियों को इनके खिलाफ कार्यवाही करनी चाहिए।


