पश्चिमी राजस्थान को सिंधु जल समझौते के स्थगित होने से नई उम्मीद मिली है। पहलगाम हमले के बाद भारत ने सिंधु जल समझौता स्थगित कर दिया था, जिससे अब पश्चिमी राजस्थान में जीवनदायिनी जल पहुंच सकता है9। दैनिक पर्यटन बाजार पर भी इसका प्रभाव पड़ा है।
विस्तार से:
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सिंधु जल समझौता:यह 1960 में भारत और पाकिस्तान के बीच हुआ था, जिसमें सिंधु नदी प्रणाली की छह नदियों के जल बंटवारे का प्रावधान था। के अनुसार, तीन पूर्वी नदियों (रावी, ब्यास और सतलुज) का जल उपयोग भारत को दिया गया था, जबकि तीन पश्चिमी नदियों (सिंधु, चिनाब और झेलम) का जल उपयोग पाकिस्तान को दिया गया था.
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समझौता का स्थगन:पहलगाम में आतंकी हमले के बाद भारत ने सिंधु जल समझौता स्थगित कर दिया था.
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पश्चिमी राजस्थान के लिए उम्मीद:सिंधु जल समझौता स्थगित होने से पश्चिमी राजस्थान में जीवनदायिनी जल पहुँच सकता है, जिससे वहां के लोगों को पानी की समस्या से कुछ राहत मिल सकती है.
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दैनिक पर्यटन बाजार पर प्रभाव:सिंधु जल समझौता स्थगित होने से पर्यटन बाजार पर भी असर पड़ सकता है। Wikipedia के अनुसार, कुछ लोग इस फैसले को एक युद्ध के रूप में देखते हैं, जिससे पर्यटन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है.
निष्कर्ष:
सिंधु जल समझौता स्थगित होने से पश्चिमी राजस्थान को नई उम्मीद मिली है, लेकिन इसका दैनिक पर्यटन बाजार पर भी प्रभाव पड़ सकता है। यह देखना महत्वपूर्ण है कि भारत और पाकिस्तान के बीच भविष्य में क्या कदम उठाए जाते हैं.

9। दैनिक पर्यटन बाजार पर भी इसका प्रभाव पड़ा है।

