सीकर में खांसी सिरप से बच्चे की मौत का दावा खारिज, सीएमओ ने सरकार को रिपोर्ट सौंप
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जयपुर जेठू जोशी
जयपुर सीकर डेक्सट्रोमेथॉरफन हाइड्रोब्रोमाइड सिरप पीने से बच्चे की मौत दावे को सीकर सीएमएचओ ने नकार दिया है। सीएमएचओ ने सरकार को रिपोर्ट सौंपी है कि जिस बैच की डेक्सट्रोमेथॉरफन हाइड्रोब्रोमाइड सिरप पीने से बच्चे की तबियत बिगड़ने का दावा किया गया है उस बैच की सिरप झुंझुनू में सप्लाई ही नहीं की गई।
हालांकि बच्चे के परिजन का कहना है कि डेक्सट्रोमेथॉरफन हाइड्रोब्रोमाइड सिरप पीने के बाद ही उनके बच्चे की तबियत खराब हुई थी। सीकर ही नहीं प्रदेश के अन्य कई जिलों में भी डेक्सट्रोमेथॉरफन हाइड्रोब्रोमाइड सिरप पीने से गंभीर रूप से तबियत खराब होने के मामले सामने आए हैं। गौरतलब है कि 28 सितंबर को सीकर में सात वर्षीय नितियांस शर्मा की मृत्यु हो गई थी। परिवार का आरोप था कि रात को बच्चे को डेक्सट्रोमेथॉरफन हाइड्रोब्रोमाइड सिरप (ब्याच चरु 25/148) की 7-8 डोज दी गई थीं, दवा पीने के बाद रात
3 बजे बच्चे को प्यास लगने पर पानी पिलाया गया था। सुबह 5 बजे बच्चे को संभाला तो अचेत था। बच्चे को नजदीक के प्राइवेट हॉस्पिटल लेकर गए, जहां से उसे कल्याण हॉस्पिटल (सीकर) रेफर कर दिया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। हालांकि, चिराना स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी ने बताया कि जिस दवा की बात हो रही है, उसे झुंझुनूं में वितरित नहीं किया गया था। बच्चे की मौत के बाद सीकर सीएमएचओ अशोक महरिया और चिराना स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी ने अपनी जांच रिपोर्ट दी। चिराना प्रभारी ने बताया कि जिस दवा को पीकर तबीयत बिगड़ने और उसके बाद मौत होने की बात बच्चे के माता-पिता कह रहे हैं। उस बैच की दवाई झुंझुनूं जिले में सप्लाई ही नहीं हुई है


