फ्री फायर गेम की आईडी से मां का डेबिट कार्ड लिंक कर दिया था, लगातार कटते रहे पैसे ऑनलाइन गेम में 3 हजार रु. हारा 7वीं का छात्र डरकर जन्मदिन के अगले दिन लगा ली फांसी
Mad news 7 जेठू जोशी
ऑनलाइन गेम खेलते हुए सातवीं के छात्र ने मां का डेबिट कार्ड उससे जोड़ दिया। तीन हजार रुपए हारने पर मां ने समझाया तो वह डर गया कि घर के बाकी लोगों को भी पता चलेगा और उसे डांट पड़ेगी। इसी डर के चलते जन्मदिन के अगले ही दिन फांसी लगा ली।
एमआईजी थाना टीआई सीबी सिंह ने बताया, ऑटो पार्ट्स वावसायी अंकेश जैन निवासी अनुराग नगर के बेटे अकलंक (13 वर्ष) ने गुरुवार रात घर में फांसी लगा ली। परिजन के अनुसार, अकलंक गुरुवार रात मोबाइल में फ्री फायर गेम खेल रहा था। इसमें वह करीब 3 हजार रुपए हार गया। यह बात जब उसकी मां को पता चली तो उन्होंने समझाया कि
बेटा इस तरह के गेम क्यों खेलते हो? तुम्हें पढ़ाई पर ध्यान देना चाहिए। इतना बोलकर मां काम में लग गई। अकलंक को डर था कि रुपए हारने की बात घर के अन्य लोगों को पता चलेगी तो उसे और डांट पड़ेगी। रात में करीब 8.30 बजे वह अपने कमरे में गया और फांसी लगा ली। आवाज आने पर परिवार के लोग कमरे में पहुंचे और उसे लेकर तत्काल निजी हॉस्पिटल पहुंचे। जहां इलाज के दौरान मौत हो गई। अकलंक परिवार का इकलौता बेटा था। एमवाय की मच्यूरी में शुक्रवार को कांपते हाथों से स्ट्रेचर पर रखे बेटे के सिर पर हाथ फेरते हुए पिता यही कहते रहे कि पैसे इतने महत्वपूर्ण नहीं थे, जितना तू बेटा। एक दिन पहले 30 जुलाई को ही तो पूरे परिवार ने उसका जन्मदिन धूमधाम से मनाया था।
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अकलंक और गेम के दौरान उसके मोबाइल से हुए ट्रांजेक्शन।
बिना सिम का मोबाइल वाई-फाई से था कनेक्ट
अकलंक 7वीं कक्षा का छात्र था और शहर के बड़े निजी स्कूल में पढ़ता था। उसके पास बिना सिम वाला मोबाइल था, जो वाई-फाई से जुड़ा था। था। गेमिंग आईडी से अपनी मां का डेबिट कार्ड लिंक कर रखा था। गेम खेलने के दौरान उसके मोबाइल से 800, 400, 400, 240, 400 की किस्तों में करीब 3 हजार रुपए का ट्रांजेक्शन हो गया।
भास्कर न्यूज ने प्रकाशित की थी
गौरव रावल, साड्या सिक्योरिटी
पैरेंट्स को देखना होगा कि बच्चे कौन से गेम खेल रहे हैं
आज के समय में ज्यादातर बच्चों को मोबाइल पर गेम खेलने की लत है। फ्री फायर और पब्जी सहित अन्य गेम्स 18 साल से अधिक उम्र के लोगों की मानसिकता के आधार पर बनाए गए हैं, लेकिन ये गेम्स 6 से 12 की आयु के बच्चे भी खेल रहे हैं। उन्हें नहीं पता होता है कि गेम्स में किसी चीज को खरीदने के लिए पैसे लगते हैं। ये गेम्स खेलने के दौरान पैसे हार जाते हैं। पैरेंट्स को ध्यान रखना होगा कि बच्चे कौन से गेम खेल रहे हैं। बच्चों को पर्सनल मोबाइल नहीं दें। उन्हें अपने मोबाइल पर ही गेम खेलने दें।


