जयपुर: एसीबी कार्रवाई. दो दिन के रिमांड पर घूसखोरी के आरोपी एएसपी और दो दलाल, हर महीने बंधी देने वाले भी राडार पर
21 मई बुधवार 2025-26
जयपुर: सवाई माधोपुर में चौथवसूली के आरोप में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) के हत्थे चढ़े एसीबी एएसपी सुरेंद्र शर्मा को ब्यूरो ने कोर्ट में पेश कर 23 मई तक रिमांड पर लिया. दलाल प्रदीप और रामराज को भी एसीबी ने कोर्ट में पेश कर 23 मई तक रिमांड पर लिया. एसीबी ने एएसपी सुरेंद्र शर्मा को सवाई माधोपुर में परिवहन विभाग, पुलिस और वन विभाग के अधिकारियों से हर महीने बंधी लेने के आरोप में सोमवार रात गिरफ्तार किया था.
एसीबी ने एएसपी के साथ उगाही करने वाले दलाल प्रदीप और रामराज को भी गिरफ्तार किया था. दोनों दलालों के पास एसीबी को 13 लाख रुपए नकदी मिली है. दलाल रामराज और प्रदीप सवाई माधोपुर में एसीबी के एएसपी रहे सुरेंद्र शर्मा के लिए उगाही करते थे. हालांकि, शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने सुरेंद्र शर्मा को जयपुर अटैच कर दिया था. एसीबी ने आरोपियों के जयपुर, भरतपुर और सवाई माधोपुर के छह ठिकानों पर तलाशी अभियान भी चलाया है. मासिक बंधी देने वाले विभिन्न विभागों के अधिकारी भी एसीबी के राडार पर हैं.
रामराज के नंबर को सर्विलांस पर लिया तो खुली पोल:
एसीबी के डीजी डॉ. रविप्रकाश मेहरड़ा ने बताया कि सवाई माधोपुर में बजरी माफिया से अवैध रूप से वसूली की शिकायत मिलने पर रामराज मीणा के नंबर को सर्विलांस पर लिया गया था. इसके बाद एएसपी सुरेंद्र शर्मा और रामराज के गठजोड़ का खुलासा हुआ. पड़ताल में सामने आया है कि सवाई माधोपुर में पोस्टिंग के दौरान एएसपी सुरेंद्र शर्मा ने हर विभाग से चौथवसूली का नेटवर्क बना रखा था. एएसपी सुरेंद्र शर्मा, दलाल प्रदीप और रामराज को सोमवार रात को गिरफ्तार कर तीनों को 23 मई तक रिमांड पर लिया गया.
वसूली के लिए दलालों का नेटवर्क:
उन्होंने बताया कि एसीबी ने एएसपी के खिलाफ घूसखोरी का केस दर्ज किया और डीआईजी राजेश सिंह के नेतृत्व में आधा दर्जन टीमों का गठन किया गया. एसीबी ने दलाल प्रदीप पारीक को जयपुर में प्रताप नगर की होटल से पकड़ा है. वह वहां महिला के साथ ठहरा था. उसके पास 11 लाख रुपए कैश मिले. पड़ताल में सामने आया कि एएसपी और उसके दलाल सवाई माधोपुर में परिवहन विभाग, वन विभाग, पुलिस और शराब कारोबारियों से हर महीने वसूली करते थे.
अगले महीने रिटायरमेंट:
एएसपी सुरेंद्र कुमार शर्मा 30 जून को रिटायर्ड होने वाला है. उसके रिटायरमेंट को लेकर घर में धार्मिक कार्यक्रम होना था. एसीबी की पड़ताल में एएसपी की भूमिका संदिग्ध पाए जाने पर उसे सवाई माधोपुर से हटाकर 6 मई को जयपुर अटैच कर दिया गया था. हालांकि, इसके बाद भी वह दलालों के मार्फत विभागों के अधिकारियों से उगाही कर रहा था. उसके खिलाफ पुलिस, वन विभाग, परिवहन विभाग और शराब कारोबारियों पर हर महीने चौथवसूली के लिए दबाव बनाने के सबूत मिले हैं.


