शत्रु संपत्तियों पर भू-माफियाओं की नजर, जांच कर राष्ट्रहित मे 2/8 उपयोग हो : लाबराऊ
बाड़मेर जेठू जोशी mad news 7
राजस्थान के पश्चिमी बाड़मेर जिले के शहर एवम कस्बों तथा ग्रामीण क्षेत्रों में आम आदमी पार्टी के जिलाध्यक्ष भगवानसिंह लाबराऊ ने मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा को पत्र लिखकर बाड़मेर सहित पूरे प्रदेश में स्थित शत्रु संपत्तियों की जांच कराने और उन्हें भारत सरकार के अधीन लेकर राष्ट्रहित में प्रयोग करने की मांग की है।
उन्होंने पत्र में लिखा है कि 1965 के भारत-पाक युद्ध के बाद देश में छोड़ी गई संपत्तियों को लेकर भारत सरकार ने 1968 में शत्रु संपत्ति (संरक्षण एवं पंजीकरण) अधिनियम पारित किया था, जिसके तहत ऐसी संपत्तियाँ भारत सरकार की मानी जाती हैं। सीमावर्ती बाड़मेर जिले में बड़ी संख्या में ऐसी संपत्तियाँ वर्षों से परित्यक्त या विवादित स्थिति में हैं, जिन पर अब भू-माफियाओं की नजर है और कुछ पर अवैध कब्जे भी हो चुके हैं। लाबराऊ ने कहा कि यह संपत्तियाँ प्रशासनिक उदासीनता के चलते न केवल बेकार पड़ी हैं, बल्कि कई बार कानून व्यवस्था के लिए भी खतरा बन जाती हैं। यदि इनका समय रहते सर्वे कराकर उचित तरीके से अधिग्रहण कर लिया जाए, तो इनका उपयोग जनहित के कार्यों में जैसे-स्वास्थ्य केंद्र, विद्यालय, सामुदायिक भवन या गरीबों के लिए आवास योजनाओं में किया जा सकता है। उन्होंने सरकार से मांग की कि एक विशेष जांच दल गठित कर ऐसी संपत्तियों की पहचान की जाए और प्रशासन को निर्देशित किया जाए कि वे संबंधित रिपोर्ट भारत सरकार को भेजें। साथ ही, आमजन को जागरूक करने के लिए सूचना अभियान भी चलाया जाए, ताकि लोग प्रशासन को स्वेच्छा से ऐसी संपत्तियों की जानकारी दे सकें।


