सभी पंचायतों में ग्राम सेवा सहकारी समितियों का गठन होगा
एम ए डी न्यूज जेठू जोशी जयपुर
सहकारिता विभाग की प्रमुख शासन सचिव एवं रजिस्ट्रार सहकारी समितियां मंजु राजपाल ने कहा कि राज्य सरकार की बजट घोषणा के अनुरूप राज्य की शेष रही सभी ग्राम पंचायतों में ग्राम सेवा सहकारी समितियों का गठन किया जाना है। इन समितियों के गठन से राज्य में सहकारिता का नेटवर्क मजबूत होगा तथा अधिक लोगों तक सहकारिता की योजनाओं का लाभ पहुंच पाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन समितियों के गठन के कार्य में तेजी लाते हुए निर्धारित समय अवधि से पूर्व शत प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने के प्रयास किए जाएं। राजपाल ने सोमवार
को शासन सचिवालय स्थित कक्ष से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से नवीन ग्राम सेवा सहकारी समितियों के गठन के संबंध में आयोजित समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश में बहुउद्देशीय ग्राम सेवा सहकारी समितियों की स्थापना के लिए सदस्य संख्या एवं न्यूनतम हिस्सा राशि के मापदंडों में 50 प्रतिशत का शिथिलन दिया गया है, जिससे लक्ष्यों की प्राप्ति में आसानी होगी।
नवीन समिति की स्थापना के लिए अब न्यूनतम सदस्य संख्या 150 एवं न्यूनतम हिस्सा राशि 1.50 लाख रुपये होना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि कम जनसंख्या घनत्व वाले जिलों में प्रस्ताव मिलने पर और भी
118 नई ग्राम सहकारी समितियों का हो चुका गठन
मंजु राजपाल ने कहा कि 1 अप्रैल से बाद राज्य में लगभग 118 नवीन ग्राम सेवा सहकारी समितियों का गठन हो चुका है। इस कार्य में तेजी लाने के लिए सभी अतिरिक्त रजिस्ट्रार (खंड) नियमित रूप से इसकी समीक्षा करें। जिन जिलों में समिति गठन के लक्ष्य अधिक हैं, उन जिलों के लिए अलग रणनीति होनी चाहिए। वहां महिला समितियां बनाई जा सकती हैं। साथ ही, आदिवासी क्षेत्रों में वन धन विकास
शिथिलता दिए जाने पर विचार किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि समिति गठन के मापदंडों में दी गई शिथिलता से पंचायती राज जनप्रतिनिधियों एवं
केंद्रों से समन्वय कर ग्राम सेवा सहकारी समितियां गठित की जा सकती हैं। उन्होंने कहा मूल समिति से सदस्य पृथक कर समिति बनाने की बजाय 150 नए सदस्यों को शामिल कर समिति गठन के प्रयास किए जाएं। बैठक में अतिरिक्त रजिस्ट्रार (द्वितीय) संदीप खंडेलवाल एवं संयुक्त रजिस्ट्रार (आयोजना) अनिल कुमार सहित सभी अतिरिक्त रजिस्ट्रार (खंड) एवं जिला उप रजिस्ट्रार वीसी
जिला परिषद सीईओ आदि को भी पत्र लिखकर अवगत करवाया जाना चाहिए ताकि इसका अधिकाधिक लाभमिल सके।


