बाड़मेर: बालोतरा अनजान के भेजे फाइल या लिंक को ओपन ना करें साइबर धोखाधड़ी के लिए फोटो, ऑडियो, वीडियो या लिंक भेजकर ठग बना रहे हैं लोगों को शिकार
बालोतरा, 25 मई जेठू जोशी
बालोतरा पुलिस प्रशासन और साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ लगातार सोशल मीडिया के माध्यम से आमजन को ऑनलाइन खतरों से बचाने के लिए जागरूक कर रहे हैं। फोन पर आने वाले संदिग्ध फोटो, वीडियो और लिंक से बचने के लिए उन्होंने कुछ महत्वपूर्ण बातें बताई है।
जिला पुलिस अधीक्षक अमित जैन ने बताया कि इन दिनों एक साइबर अपराध काफी चर्चा में है और काफी लोगों के साथ हो रहा है। अनजान व्यक्ति आपको व्हाट्सएप या अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मस पर फोटो, ऑडियो या वीडियो या लिंक भेजता हैं। आप जैसे ही उस इमेज या ऑडियो आदि को ओपन या प्ले करते हैं, उसी वक्त आपके फोन का एक्सेस साइबर अपराधी के पास चला जाता है, यानी कि आपका फोन हैक हो जाता है। इस संदर्भ में पुलिस मुख्यालय की साइबर विंग द्वारा एडवाइजरी जारी की गई है।
उन्होंने बताया कि फोन हैक होने के बाद आपके मैसेज और कॉल आदि को साइबर अपराधी द्वारा अन्य नंबरों पर फॉरवर्ड कर दिया जाता है और फॉरवर्ड मैसेज आदि से प्राप्त ओटीपी को काम में लेकर आपके बैंक अकाउंट से पैसे निकाले जा सकते हैं या फिर कोई ऐसा कोड छुपा हुआ होता है जिससे आपके फोन में कोई एपीके फाइल डाउनलोड हो जाती है। इसके पीछे एक तकनीक कार्य करती है जिसे स्टेग्नोग्राफी कहा जाता है। स्टेग्नोग्राफी का अर्थ होता है-छुपाकर लिखना। स्टेग्नोग्राफी में किसी संदेश या मैलिशियस फाइल को किसी दूसरी फाइल जैसे किसी फोटो या ऑडियो आदि के पीछे इस तरह छुपाया जाता है कि देखने वाले को पता ही न चले कि उसमें कोई कोड या कोई डेटा भी छुपा हुआ है। इसी प्रकार ठग फर्जी ईमेल या मोबाइल पर मैसेज भेजते हैं। जिसमें
आकर्षक ऑफर लॉटरी जीतने का दावा या किसी सरकारी योजना का लालच दिया जाता है। इन मैसेज में एक लिंक होता है जिस पर विलक करने को कहा जाता है। लिंक पर क्लिक करते ही आप एक नकली वेबसाइट पर पहुंच जाते हैं जो देखने में असली लगती है। जैसे बैंक की वेबसाइट, सरकारी पोर्टल या इ-कॉमर्स साइट। यहां आपसे आपकी व्यक्तिगत जानकारी बैंक विवरण, पासवर्ड या ओटीपी मांगा जाता है। जैसे ही आप यह जानकारी डाल देते हैं वह ठगों के पास पहुंच जाती है और वह आपके खातों में से पैसे उड़ा सकते हैं।


