नाम ‘पीएम श्री’, नतीजे शर्मनाक: देवातड़ा के सरकारी स्कूल में 42 में से 30 विद्यार्थी फेल
भोपालगढ़ ब्लॉक की एकमात्र पीएम श्री स्कूल में बोर्ड परीक्षा में बड़ी विफलता, शिक्षा व्यवस्था पर गहरे सवाल
भोपालगढ़
प्रधानमंत्री स्कूल फॉर राइजिंग इंडिया (पीएम श्री) योजना के अंतर्गत चयनित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय देवातड़ा में 2025 की 10वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम सामने आते ही शिक्षा व्यवस्था की असलियत उजागर हो गई। कुल 42 विद्यार्थियों में से 30 अनुत्तीर्ण हो गए, यानी 70 प्रतिशत से अधिक फेल। यह स्थिति तब है जब यह विद्यालय पूरे भोपालगढ़ ब्लॉक में पीएम श्री योजना के तहत चयनित एकमात्र स्कूल है।
पीएम श्री योजना के तहत इन स्कूलों को अत्याधुनिक सुविधाएं, स्मार्ट क्लास, विज्ञान प्रयोगशालाएं, कंप्यूटर लैब और प्रशिक्षित स्टाफ जैसी सुविधाएं दी जाती हैं। देवातड़ा स्कूल में प्रधानाचार्या सहित सभी विषयों के वरिष्ठ अध्यापक पदस्थ हैं और कोई भी शिक्षक प्रतिनियुक्ति पर नहीं है। बावजूद इसके परिणामों ने सवाल उठा दिया है कि गलती किसकी है? व्यवस्था की, शिक्षकों की या चयन प्रक्रिया की ?
PM राजउच्च माध्यमिक विद्यालय
निजी स्कूल 100% पास, सरकारी में 70% फेल
इसी गांव का एक निजी माध्यमिक विद्यालय शत-प्रतिशत परिणाम लाया है, जबकि सरकारी स्कूल सिर्फ 30% पर सिमट गया। ग्रामीणों का कहना है कि कहीं सरकारी स्कूल को कमजोर दिखाकर निजी विद्यालयों को अप्रत्यक्ष रूप से बढ़ावा तो नहीं दिया जा रहा। जब परिणाम सामने आया, तो ग्रामीणों और युवाओं में गुस्सा भड़क उठा। लोगों ने प्रधानाचार्या और शिक्षकों के खिलाफ सोशल मीडिया पर विरोध पोस्ट कर नाराजगी जताई। आरोप है कि शिक्षक स्कूल में समय पर नहीं आते, बच्चों को सही से पढ़ाया नहीं जाता, और परिणाम बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है।
देवता के सभ
परीक्षा पद्धति भी सवालों में
शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने स्पष्ट किया था कि बोर्ड परीक्षा में प्रैक्टिकल के 20 अंक और लिखित के 80 अंक होते हैं, जिसमें मात्र 33% अंक लाने पर छात्र पास हो जाता है। अधिकतर विद्यार्थियों को प्रैक्टिकल में पूरे 20 अंक दिए जाते हैं, इसके बावजूद इतने विद्यार्थी फेल कैसे हो गए। अर्द्धवार्षिक परीक्षा में इन्हीं छात्रों को सत्रांक में 19-20 अंक भेजे गए थे, फिर बोर्ड परीक्षा में इतने बड़े पैमाने पर असफलता ने परिणाम की निष्पक्षता और शिक्षण की सच्चाई पर सवाल खड़ा किया है।
अधिकारियों ने मानी खामी, होगी जांच
ब्लॉक शिक्षा अधिकारी अल्पुयम टाक ने बताया कि उन्होंने प्रधानाचायों को नोटिस जारी किया है, लेकिन अभी तक कोई उत्तर प्राप्त नहीं हुआ। वहीं जिला शिक्षा अधिकारी ओमसिंह राजपुरोहित ने कहा कि संबंधित शिक्षकों की रिपोर्ट लेकर जांच की जाएगी और सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं ग्राम पंचायत के सरपंच लालसिंह का कहना है कि प्रधानाचार्या बेहद प्रभावशाली हैं। उनके खिलाफ पहले भी शिकायतें हुई लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। उनकी वजह से विद्यालय का नामांकन भी लगातार घट रहा है। वहीं इस संबंध में भास्कर ने स्कूल की प्रधानाचार्य से बात करने का प्रयास किया तो उन्होंने फोन नहीं उठाया।
प्रिंसिपल मेडम खुद समय पर नहीं आती। पूरा स्टाफ गैर-जिम्मेदार है। हमारे बच्चों का भविष्य बर्बाद कर दिया। – सुमेर सिंह, अभिभावक मैं मजदूरी करता हूँ, बच्चों को पढ़ाने के लिए दिन-रात मेहनत करता हूँ। लेकिन इन शिक्षकों पर कोई नियंत्रण नहीं है। सभी को हटाकर दूसरी जगह भेजा जाए। – पेमाराम, अभिभावक


