उत्तरलाई एयरपोर्ट पर सियासी तूफान: नाबालिग के साथ सेक्स सीडी वाले वायरल नेता मेवाराम जैन की उड़ी धूड़
26 मई 2025, दोपहर का वक्त। बाड़मेर का उत्तरलाई एयरपोर्ट। जय हिंद सभा के लिए राजस्थान कांग्रेस के दिग्गज नेता बाड़मेर पहुंचे थे। माहौल में सियासी गर्मी थी, लेकिन असली हंगामा तब मचा जब कांग्रेस से निष्कासित मेवाराम जैन, पार्टी में वापसी की उम्मीद लिए, नेताओं से मिलने एयरपोर्ट पहुंच गए। लेकिन कांग्रेस के किसी भी दिग्गज ने उनकी इस कोशिश को तवज्जो नहीं दी, और जो हुआ, वह सियासी ड्रामे से कम नहीं था।
सीन शुरू: नेताओं का आगमन और अचानक मुलाकात
उत्तरलाई एयरपोर्ट पर गाड़ियों का काफिला लाउंज की ओर बढ़ा। अशोक गहलोत, गोविंद सिंह डोटासरा, सचिन पायलट, रणदीप सिंह सुरजेवाला, सुखजिंदर सिंह रंधावा, टीकाराम जूली, हरीश चौधरी और हेमाराम चौधरी जैसे दिग्गजों की मौजूदगी से माहौल पहले से गरम था। लेकिन तभी मेवाराम जैन, जिन्हें कांग्रेस ने पहले निष्कासित कर दिया था, नेताओं से मिलने पहुंच गए। उनकी मंशा थी पार्टी में वापसी के लिए समर्थन जुटाना, लेकिन यह मुलाकात सियासी तकरार में बदल गई।
गहलोत एयरपोर्ट पहुंचते ही वॉशरूम की ओर चले गए। लौटकर उन्होंने रणदीप सुरजेवाला से कहा, “मिल लीजिए, मेवाराम से मिल लो।” सुरजेवाला हैरान, बोले, “मैंने तो किसी को बुलाया नहीं, मैं किससे मिलूं?” गहलोत ने ज्यादा कुछ न कहा और बाहर की ओर बढ़ गए। बाहर खड़े मेवाराम ने स्वागत की कोशिश की, बोले, “हम तो बस आपका स्वागत करना चाहते थे, कोई डिमांड नहीं थी।” लेकिन गहलोत ने सिर्फ चलते-चलते नमस्ते की और आगे बढ़ गए, बिना उनकी बात पर कोई ध्यान दिए।
सीन टू: ठुकराई गई कोशिश, भड़का गुस्सा
मेवाराम की इस मुलाकात को कांग्रेस नेताओं ने ठंडा रिस्पॉन्स दिया। गोविंद सिंह डोटासरा का गुस्सा सातवें आसमान पर था। उन्होंने इसे दबाव बनाने की कोशिश माना और तल्खी से कहा, “यह क्या तरीका है स्वागत का? क्या हम समझते नहीं? इस तरह दबाव बनाने से कुछ नहीं होगा।” माहौल तनावपूर्ण हो गया, जब अमीन खान ने गुस्से में कहा, “इस कांग्रेस का अंत हो गया!” यह सुनकर वहां मौजूद सभी नेताओं के कान खड़े हो गए।
हेमाराम चौधरी ने तुरंत पलटवार किया, “नेहरू जी, इंदिरा जी चले गए, फिर भी कांग्रेस चल रही है। हम भी चले जाएंगे, तब भी कांग्रेस चलेगी। यह गलतफहमी निकाल दो, यह तरीका सही नहीं है।” सूत्रों के मुताबिक, हेमाराम ने इसके बाद और भी तीखे शब्दों में अपनी बात रखी, जिसने माहौल को और गरमा दिया।
सीन थ्री: अनसुलझा सवाल
इस पूरे घटनाक्रम के बीच एक सवाल हर नेता के मन में गूंज रहा था- मेवाराम जैन को उत्तरलाई एयरपोर्ट जैसे सुरक्षित क्षेत्र में प्रवेश की अनुमति आखिर किसने दी? यह सवाल हवा में तैरता रहा, लेकिन जवाब किसी के पास नहीं था।
सचिन पायलट पूरे वक्त फोन पर व्यस्त रहे और बिना रुके आगे बढ़ गए। टीकाराम जूली अपनी मस्ती में मगन, प्लेन की ओर चले गए। गहलोत ने मंच से अमीन खान की तारीफ तो की, लेकिन एयरपोर्ट पर उनकी मुलाकात को कोई तवज्जो नहीं दी। सूत्रों के अनुसार, गहलोत ने फतेह खान से अकेले में कुछ देर बात की, जिसने सियासी अटकलों को हवा दी। लेकिन मेवाराम और अमीन खान की पार्टी में वापसी की कोशिश को किसी भी दिग्गज ने गंभीरता से नहीं लिया।
अंतिम दृश्य: सियासी रेत में उलझा ड्रामा
उत्तरलाई एयरपोर्ट का यह वाकया महज एक मुलाकात नहीं, बल्कि सियासी ताकत, महत्वाकांक्षा और ठुकराए गए मौकों की कहानी बन गया। मेवाराम जैनकी पार्टी में वापसी की कोशिश को कांग्रेस के दिग्गजों ने सिरे से खारिज कर दिया। सवाल अब भी वही है- आखिर उन्हें एयरपोर्ट में प्रवेश की इजाजत किसने दी? और क्या यह मुलाकात कांग्रेस के लिए कोई नया सियासी संकट खड़ा करेगी? बाड़मेर की रेत में यह सियासी तूफान अभी थमा नहीं है, और इसके गूंज राजस्थान की सियासत में लंबे समय तक सुनाई देंगे


